Saturday, May 14, 2011

इंतज़ार में तेरे....

इंतज़ार में तेरे ,शब्द मोती से बन गए
ये है तेरी दुआ ........या उसकी मेहर है
कि तुझसे मिला ....ये उसका असर है
जानते है सब ............सबको खबर है
पर तू जान के भी .......क्यों बेखबर है
ये है तेरी दुआ ......या उसकी मेहर है 



इकरार में तेरे ......मौसम बदल गए 
पर तू  भोर  मेरा ........तू  दोपहर  है 
की हूँ आज तनहा....   तू हमसफ़र है 
एक झील था मैं.........तू एक लहर है 
सब मुझको देखें ......तू मेरी नज़र है 
ये है तेरी दुआ .....या उसकी मेहर है 

8 comments:

  1. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (16-5-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  2. thanks vandana ji
    bahut aabhaar
    and good wishes

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  3. Bhut sunder rchna likhi haae ..aek hindi ka vejet lagaae ? comment karne me suvidha rahegi

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  4. बहुत आभार आपका दर्शन जी

    मैं हिंदी रूपांतरण के लिए widget लगा लेता हूँ
    आपका पुनः बहुत धन्यवाद

    bahut good wishes

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  5. बहुत प्यारी रचना...

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  6. bahut achaa likh rahe hain aap jkaari rakhen kavitaaon ke aur bhi blog padhen

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  7. दुआ भी मेहर भी लहर भी असर भी ... कोई नहीं रह सकता बेअसर , जब शब्दों की जुम्बिशें हो

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